Friday, July 14, 2017

भारत-चीन में जारी तनातनी से देशवासियों में आक्रोश

 पिछले कई दिनों से भारत-चीन के बीच बार्डर पर दोनों देशों की सेना के बीच तनातनी जारी है। अब यह सिर्फ मसला सीमा तक नहीं रह गया है। चीन की गीदड़ धमकी से देश की जनता में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। देश के प्रति अपनी देशभक्ति प्रकट करते हुए मुंबई के कुछ स्कूलों ने मेड इन चायना सामानों का बहिष्कार किया है। प्रधानाध्यपकों ने विद्याथियों सेपढ़ाई में चीनी सामग्री को न इस्तेमाल करने का आह्वान किया है। इसके साथ ही भाई-बहन के पवित्र त्यौहार रक्षाबंधन पर सैनिक भाइयों को सबसा बड़ा उपहार चाइना राखी न खरीदकर देंगी।

चायनीज राखी पर असर

     7 अगस्त को रक्षाबंधन है। इस दौरान सबसे ज्यादा चीन निर्मित राखी की खरीदारी होती थी। इस बार भारत-चीन में बढ़ते तनाव के कारण बाजारों में चायनीज राखी न के बराबर दिख रही हंै। एक राखी दुकानदार ने बताया कि चीनी वस्तुओं के विरोध चलते इस बार विदेशी राखियों की डिमांड कम रहेगी।  इसका सीधा असर चीनी कंपनियों पर पड़ेगा। उन्होंने बताया कि दुकानदार भी इसे बेचने से बच रहे हैं। देश की महिलाओं व बहनों से अपील की गई है कि वे देश में बनी राखियों को ही अपने भाई की कलाइयों पर बांधे।

1500 स्कूल अभियान में शामिल

1500 से ज्यादा स्कूलों ने इस अभियान में हिस्सा लिया है। ऐसा दावा द मुंबई स्कूल प्रिंसिपल्स असोसिएशन' ने किया है। असोसिएशन का कहना है कि छात्रों के बीच देशभक्ति की भावना को बढ़ाने और जागरूकता फैलाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। इसके साथ ही इन दिनों सोशल मीडिया पर भी मेड इन चायना का बहिष्कार करने वाले पोस्ट व वीडियो खूब वायरल हो रहे हैं।
सैनिकों के प्रति सम्मान 
मुंबई स्कूल प्रिंसिपल्स असोसिएशन के सदस्यों का कहना है कि सीमा पर अपनी जान की बाजी लगाकर देश और हमारी रक्षा करने वाले सैनिकों के प्रति हमारा छोटा सा प्रयास है। असोसिएशन के सदस्य प्रशांत रेडिज ने कहा कि देश में इस समय गंभीर हालात हैं। यह बात छात्रों को समझाने के लिए और उन्हें इससे अवगत कराने के लिए हम प्रयास कर रहे हैं। देश का पैसा देश में ही रहे, दुश्मन इसका फायदा न उठाएं, इसलिए चीन में बने पेन, कंपास बॉक्स और इरेजर आदि चीजें का बहिष्कार करें।
चाइना सामानों से पटा बाजार
बाजार मेड इन चाइना सामानों से पटा पड़ा है, सस्ती होने के कारण लोग इसे खरीदने में ज्यादा रुचि रखते हैं। व्यापार के माध्यम से चीन आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है। चीन अपनी सेना और हथियार बढ़ाने पर इसका बड़ा भाग खर्च करता है। चीनी सामानों के बहिष्कार से वह कमजोर होगा। इसके साथ ही भारतीय सेना को इससे और बल मिलेगा।

जल्द निकालेंगे सर्कुलर   

मुंबई स्कूल प्रिंसिपल्स असोसिएशन जल्द सर्कुलर जारी करने वाला है। इसे सभी स्कूलों को भेजा जाएगा। रेडिज ने बताया कि स्कूलों की जिम्मेदारी है कि वह छात्रों में देशभक्ति की भावना जगाएं। वहीं प्रधानाध्यपकों का कहना है कि अगर यह अपील शिक्षा विभाग की तरफ से की जाती तो दूसरे स्कूल भी इसका पालन करते।

जापान में अमेरिकी सामानों का विरोध 

आर्चडायसेंस बोर्ड आॅफ एजुकेशन्स के सहसचिव फादर फ्रांसिस स्वामी ने कहा है कि जापान अपने स्कूलों में छात्रों को अमेरिकी वस्तुएं का इस्तेमाल न करने की शिक्षा देता है। एबीई के मुंबई में 150 से अधिक स्कूल हंै। प्रिंसिपलों का कहना है कि छात्रों को इस विषय की जानकारी देनी चाहिए। चीन में बने सामानों के बहिष्कार के साथ विद्यार्थियों को ताजा घटनाक्रम पर जागरूक करना चाहिए। 

No comments:

Post a Comment