मुंबई। इन दिनों फिजेट स्पिनर नामक खिलौने ने मुंबई के युवाओं को एक अलग लत लगा दी है। उंगली के बीच में फंसानेवाले एक छोटे से बैरिंग का क्रेज मुंबईकरों में बढ़ता जा रहा है। कुछ
जानकारो का मानना है कि यह एकाग्रता और टेन्शन के चक्रव्यूह से मुक्ति पाने का एक नया तरीका है। वहीं स्पिनर को उंगलियों में फंसाकर घुमाने से एडीएचडी- आॅप्टिजम (ध्यान अभाव सक्रीयता विकार) जैसी बीमारियों से बचा जा सकता है। इस प्रकार का दावा इसे बनाने वाली कंपनियां कर रही हंै। आजकल स्कूल, कॉलेज, कैफे और ट्रेनों में युवाओं के हाथों में दिखना आम हो गया है। इसके जाल में बच्चों से लेकर युवा तक फंसते जा रहे हंै। वहीं इस खिलौने की उपयोगिता को लेकर विशेषज्ञ एकमत नहीं हैं।
कम समय में हुआ लोकप्रिय
मुंबई के मार्केट में फरवरी से फिजेट स्पिनर बिकना शुरू हुआ। कुछ महीने में ही यह खिलौना काफी लोकप्रिय हो गया। माना जा रहा है कि जिन लोगों की एकाग्रता में दिक्कत होती है या जो लोग बेचैनी की वजह से कोई हरकत करते हैं, उन्हें इससे मदद मिलती है। भले ही विशेषज्ञ इसकी उपयोगिता को प्रूफ नहीं कर पा रहे हों, लेकिन इसकी लोकप्रियता लोगों में बढ़ती जा रही है।
क्या है फिजिट स्पिनर
इस खिलौने के सेंटर में एक बैरिंग लगा होता है और इसकी मदद से इसे घुमाया जाता है। फिजेट स्पिनर स्टील, सोने, प्लैटिनम, लोहा, प्लास्टिक और टाइटेनियम जैसे धातु से बनाया जाता है। इस खिलौने के कुल 63 विभन्न प्रकार हंै। बैरिंग के साथ इसमें 4, 3 और 2 गियर में उपलब्ध है। इसकी कीमत बाजारों में 20 से लेकर 150 रुपए तक है।
अमेरिकी स्कूलों में बैन
फिजेट स्पिनर भारत में आने के पहले अमेरिका में अपनी खास लोकप्रियता हासिल की थी। इसकी अमेरिकन बच्चों को इस कदर आदत लग गई थी कि वहां के कई स्कूलों ने इस खिलौने पर बैन लगा दी। खबर के अनुसार, बच्चों पर इसका गलत असर पड़ने से अमेरिका के स्कूलों ने इसे बैन लगा दिया था।
मोबाइल पर भी छाया
एप्पल के ऐप स्टोर पर एक ऐप काफी हिट हो गया है, जिसका नाम फिजेट स्पिनर है। फ्री ऐप की कैटेगरी के सभी चर्चित ऐप को पीछे छोड़ते हुए यह ऐप नंबर 1 की श्रेणी में आ गया है। दरअसल यह ऐप फिजिट पर आधारित है। अमेरिका और यूरोपीय देशों में लोग असल जिंदगी के साथ स्मार्टफोन पर भी इसका लुत्फ उठाते दिख रहे हंै।
1990 में हुआ था आविष्कार
फिजेट का आविष्कार 1990 में हुआ था, लेकिन यह 2017 में प्रसिद्ध हुआ। बच्चों से लेकर बड़े तक फिजेट को खरीद रहे हैं और भरपूर आनंद उठा रहे हैं। फिजेट स्पिनर नामक ऐप भी इसी खिलौने के आधार पर बनाया गया है। इस ऐप में दिखने वाले फिजिट को स्वाइप करके देर तक घुमाना होता है। लक्ष्य पूरा होने पर एक फिजेट्स अनलॉक होता है। कैटचप्प गेम्स नाम की कंपनी ने इस ऐप को बनाया है।
चायनीज खिलौनों की धूम
नए-नए बनावट के चीनी खिलौने छोटे बच्चों से लेकर युवाओं तक काफी आकर्षित करते हंै। अब चायनीज फिजेट स्पिनर भी मुंबई के बाजारों में काफी धूम मचा रखी है। बच्चों और युवाओं की डिमांड देखते हुए अलग-अलग प्रकार के फिजेट स्पिनर बाजार में उपलब्ध हैं। यह खिलौना चीन में 25 से 30 वर्ष पहले आया था।
नितिन बिनेकर





