मुंबई। दुनिया की भींड में तमान ऐसे हुनरबाज लोग है जिनकां हुनर देख लोग दांतों तले ऊगली दबा लेते है. ऐसे ही हुनरबाज मुंबई के ओवल ग्राउंड के फुटपाथ पर अपने कला से आने जानेवाले आम जनताको को आकर्षित कर रहा है. कोलकाता के रहने वाले यह अदभुत कलाकार विश्वजीत दास ने अपने कला से एक अलग मुकाम हासिल किया है,विश्वजीत कोलकात में एक गैराज में काम करने वाले मजदुर है। अब सपनो की नगरी कहनेवाली मुंबई में अपना नसीब अजामे आए है। विश्वजीत अपने अदभुत कला के माध्यम से अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा लिया है। विश्वजीत दास ने दबंग दुनिया को बताया कि माइक्रो मिनेएचर का काम शोकिन तोर पर किया था, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने फिश रिस्कल्स और चावल के दानों पर अदभुत कलाकृतिया बनाकर लोगों को हैरानी में डाल दिया है.
दांडी यात्रा और ताजमहल जैसे बनाई कलाकृतियां
विश्वजीत दास ने मछली के स्केल्स और कांटो से उसने एक से बढ़कर एक कलाकृतियां बनाकर लोगों का ध्यान आकर्षित किया है, कलाकार विश्वजीत ने मछली के स्केल्स तराश कर चावल के दाने पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की दांडी यात्रा और ताजमहल जैसे कलाकृतिया बनाई है इसके साथ ही माँ दुर्गा, मोर, हाथी, रिक्शा पर सवार बनाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा दिया है,
कई बार विश्वजीत के कला का हुआ सन्मान
विश्वजीत दास को उनके अनोखी कलाकृतियों के लिए बंगाल राज्य सरकार की और से कई बार सम्मानित किया जा चुका है. इसके साथ ही आसाम के राज्यपाल ने उनकी इन खुबसुरत कला के लिए सम्मान किया. विश्वजीत कहना है, कि वे मिनेयचर की दुनिया में दूसरों से अलग और यूनिक चीज करने में विश्वास रखते है.
जल्द बना लेगें वर्ल्ड रिकोर्ड
विश्वजीत ने बताया की वे अब एक चावल के दाने पर दुनिया के सातों अजूबों को बनाकर गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकोर्ड में अपना नाम दर्ज कराने में लगे. उन्होंने बताया कि अब तक वे चावल के दानें पर ताजमहल बालों पर राष्ट्रपति भवन, चावल के दाने पर ही गांधी जी की दांडी यात्रा बना चुके है,
छत्रपति शिवाजी महाराज की बनाएंगे कलाकृति
विश्वजीत दास और उन्हके भाई ने दबंग दुनिया को बताया की मुंबई में वह जल्द ही छत्रपति शिवाजी महाराज की कलाकृति बनाने जा रहे है। जो कि मेरे महाराष्ट्र दौरे की यह याद रहेगी, और महाराष्ट्र पर आने पर कई लोगों ने मुझे छत्रपति शिवाजी महाराज की कलाकृति बनाने का सुझाव भी दिया है। जो में जल्द ही पूरा करने जा रहा हु।
अपने कला से कैंसर पीड़ित की करेंगे मदत
विश्वजीत दास पहले से ही गरीबी में जीवन उन्होंने बिताया है, आज भी उन्हके सर पर छत नहीं, लेकिन अपने लगन से विश्वजीत और अपने भाइयो के साथ मुंबई के ओवल ग्राउंड पर अपनी कलाकृतिया बना रहे है। विश्वजीत ने बताया कि उन्हका जो हुनर है, वह मानवता के काम आना चाहिए जिसके लिए वह अपने कलाकृतियों के माध्यम से कैंसर पीड़ितों की मदत करने का संकल्प लिया है.
कैसे बनाते है कलाकृती
मछली के स्केल्स से बनाई गई कलाकृति काफी सालों साल रखा जा सकता है, विश्वजीत ने बताया की पहले मछली खरीदकर उसकी स्केल निकल लेते है, उसके बाद उसे केमिकल में डालकर ट्रीटमेंट करते है फिर आकृति के हिसाब से स्केल की कटिंग कर सुई के सामान औजारों से इसे आकृति दी जाती है स्केल्स ट्रीटमेंट से इसकी उम्र बढ़ जाती है, जिससे किसी भी वातावरण का इन पर खराब असर नहीं पड़ता है
नितिन बिनेकर
मो.९९७०४२०७३६




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