मुंबई। बचपन से ही बिमारी से लड़ रही अनुष्काने कक्षा १२ वी में ७४ प्रतिशत गुण हासिल कर समाज के सामने एक मिसाल कायम की है। अनुष्का के इस कारनामे से रिश्तेदार, पड़ोसियों और गांव के लोगों ने उसकी महिनत की काफी तारीफ कर उसका सन्मान किया । आप को बात दे कि, अनुष्का जब तीन साल की थी तब से वह बीमार रहती थी। उसके पाओं में मोड़ गिर गई थी लेकिन सभी तरीके का इलाज करने पर भी उसे अपाहिज होने से बचाया नहीं जा सका । पर अनुष्का ने हिमत न हारते वह लगन से पढ़ाई करने लगी और आज १२ वी की कक्षा में ७४ प्रतिशत गुन हासिल कर अपने विकलांगता पर मात की है।
ग़रीबी में पली बड़ी अनुष्का
अनुष्का विरार पश्चिम वटार के पास रहती है, वह माँ-बाप की एकलवती बेटी है। उसके पिता कपडे सिलाई का काम करते है। अपने बच्ची को बाकि बच्चों जैसे जीवन जीने के लिए हर स्वभव प्रयास अनुष्का के पिताने किए । बड़े अस्पतालों के चक्कर भी मारे लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। लेकिन अनुष्का के माता पिता ने हार नहीं मानी। अनुष्का के शिक्षा पर अपना ध्यान दिया।
ग़रीबी में पली अनुष्का ने हार नहीं मानी
अनुष्का के पिता उत्तम नाईक एक टेलर है। उन्हके घर की आर्थिक परिस्थिति भी काफी कमजोर है, ऐसे में अनुष्का के बिमारी पर भी काफी पैसे लगे थे, लेकिन उसके पिताने रात दिन एक कर अपने बच्ची के बिमारी को ठीक करने के लिए , काफी प्रयास किए, इतना ही नहीं तो हर रोज अनुष्का को अपने गोदी में उठाकर स्कुल ले जाते थे। उन्हके पिता की महीन से आज अनुष्का ने यह सफलता हासिल की बात दबंग दुनिया को बताई है।
अनुष्का के हुए कई ऑपरेशन
स्कूली पढ़ाई के दौरान अनुष्का के कई ऑपरेशन हुए थे। जब वह नौ वी की कक्षा में थी तब उसके गर्दन की नस दब गई थी. जिसके वजह से गर्दन का ऑपरेशन करना पड़ा था, जिसके वजह से २ महीनो तक अनुष्का स्कुल नहीं जा सकी। जिससे का परिणाम उसने अपने पढ़ाई पर कभी भी नहीं गिरने दिया। जिसके बाद उसने १० वी कक्षा में भी ७७ प्रतिशत गुन प्राप्त किए थे।
बहुत पढ़ लिख कर माँ बाप की करनी है सेवा
१२ वी की कक्षा में ७४ प्रतिशत गुन प्राप्त करके अपने माँता- पिता के महीन की चीज़ की, अनुष्का ने अपने सफलता का श्रेय अपने माँता-पिता और शिक्षकों को दिया है ,अनुष्का ने दबंग दुनिया को बताया कि,मैंने जो सफलता हासिल की है. जिसके पिछचे कई लोगों की महीनत है , मुझे हर समय प्रोत्साहित करनेवाले मेरे दोस्त और मेरे माँता पिता रहे है। ,अनुष्का ने बताया की अपने माँता- पिताने मेरे लिए जो कष्ट लिए है जिसकों में अपने शब्द में व्यक्त नहीं कर सकती, मेरा सपना है की बहुत पढ़ लिख कर और आगे जाकर माता पिता की सेवा करू।

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